मेरा बच्चा केवल 45 मिनट की झपकी क्यों लेता है?HealthPlanet

Posted on Wed 1st Mar 2023 : 08:54

शिशु दिन में ज्यादा देर तक सोया रहे इसके लिए क्या करना चाहिए?

यह इस बात पर निर्भर करता है कि वास्तव में आपके शिशु को दिन में लंबी नींद की जरुरत है या नहीं। मगर यदि शिशु जरुरी आराम कर लेने के बाद उठ रहा है, फिर चाहे समय कुछ भी हो, आप ज्यादा कुछ नहीं कर सकतीं।

आपका शिशु दिन में कितनी देर सोता है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि उम्र के अनुसार उसे कितनी नींद चाहिए। 12 से 18 महीनों के बीच आपका शिशु दोपहर में केवल एक बार सोना शुरु कर देगा। सुबह केवल थोड़ी देर की झपकी लेना इस बात का संकेत है कि वह अब केवल दोपहर में एक झपकी लेने के लिए तैयार है।

सभी शिशुओं की सोने की अपनी पसंद होती है। कुछ शिशु दिन में दो बार एक-एक घंटे या इससे ज्यादा की लंबी नींद लेते हैं, वहीं कुछ अन्य 45 मिनट की छोटी झपकी लेना पसंद करते हैं। दोनों ही एकदम सामान्य है। मगर यदि आपका शिशु नियमित तौर पर 20 या 30 मिनट की नींद के बाद उठ जाता है, तो आपको दिन के समय जरुरी आराम करवाने के लिए कुछ कदम उठाने पड़ेंगे।

ढाई से पांच साल के बीच किसी समय वह शायद दोपहर में सोना बंद कर देगा। इसकी बजाय वह रात में थोड़े लंबे समय के लिए सोने लगेगा।

आपके शिशु को शायद एक बार उठने के करीबन दो घंटे बाद दोबारा सोने की जरुरत होती है। यदि आप शिशु को इससे पहले सुलाएंगी, तो वह शायद थोड़ी सी झपकी लेकर उठ जाए। यदि आप उसे बहुत देर बाद सुलाएंगी तो भी शायद वह अत्याधिक थकान की वजह से ढंग से नहीं सो पाएगा।

हो सकता है आपका शिशु अच्छी तरह सो जाए, मगर थोड़ी देर के बाद ही दोबारा उठ जाए। शायद ऐसा इसलिए हो क्योंकि वह अब हल्की नींद वाले अगले चरण में पहुंच गया है और जैसे ही कोई चीज उसकी नींद खराब कर देती है तो वह दोबारा फिर सो नहीं पाता।

हो सकता है आपका शिशु प्यार से सहलाए जाने पर जल्द ही सो जाए। बहरहाल, यदि आपका शिशु नींद से चिड़चिड़ा होकर उठ रहा है और उसे और ज्यादा नींद की जरुरत है, तो आपको यह सोचना पड़ सकता है कि उसे दोबारा कैसे सुलाएं।

यदि उसे गोद में हिल-डुल कर या स्तनपान करके सोने की आदत है, तो हो सकता है वह अपनी झपकी से थोड़ी देर के लिए उठा है मगर खुद से दोबारा सो नहीं पा रहा।

इसका उपाय यह है कि शिशु को सुलाने के लिए ये तरीके अपनाने की बजाय आप रात में और दिन में शिशु को खुद ही सोने के लिए प्रोत्साहित करें। इस तरह वह सोया रहेगा और उसे जरुरी आराम मिल सकेगा।

सुनिश्चित करें कि आपका शिशु ठंडक वाली, शांत और आरामदेह जगह पर सो रहा है। सामान्यत: शिशु दिन में भी वहीं बेहतर ढंग से सो पाते हैं, जहां वे रात को सोते हैं।

यदि घर के काम-काज की तेज आवाजें या सड़क पर वाहनों के शोरगुल से शिशु की नींद में खलल पड़ रहा हो, तो बाहर का शोर दबाने के लिए कम आवाज में शांतिदायक संगीत बजाएं। यदि शिशु को मच्छर परेशान कर रहे हैं, तो मच्छर निरोधक आजमाकर देखें और अन्य सुरक्षात्मक कदम उठाएं।

इन सबके अलावा, ध्यान रखें कि आप शिशु को दोपहर में ज्यादा लंबे समय तक न सुलाएं। ऐसा करने से उसकी रात की नींद खराब हो सकती है। इसलिए यदि आपको लगे कि दिन में शिशु की नींद पूरी हो गई है, तो उसे जगा देने में कोई बुराई नहीं है।

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