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शिशॠदिन में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक सोया रहे इसके लिठकà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤?
यह इस बात पर निरà¥à¤à¤° करता है कि वासà¥à¤¤à¤µ में आपके शिशॠको दिन में लंबी नींद की जरà¥à¤°à¤¤ है या नहीं। मगर यदि शिशॠजरà¥à¤°à¥€ आराम कर लेने के बाद उठरहा है, फिर चाहे समय कà¥à¤› à¤à¥€ हो, आप जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कà¥à¤› नहीं कर सकतीं।
आपका शिशॠदिन में कितनी देर सोता है, यह इस बात पर निरà¥à¤à¤° करता है कि उमà¥à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उसे कितनी नींद चाहिà¤à¥¤ 12 से 18 महीनों के बीच आपका शिशॠदोपहर में केवल à¤à¤• बार सोना शà¥à¤°à¥ कर देगा। सà¥à¤¬à¤¹ केवल थोड़ी देर की à¤à¤ªà¤•ी लेना इस बात का संकेत है कि वह अब केवल दोपहर में à¤à¤• à¤à¤ªà¤•ी लेने के लिठतैयार है।
सà¤à¥€ शिशà¥à¤“ं की सोने की अपनी पसंद होती है। कà¥à¤› शिशॠदिन में दो बार à¤à¤•-à¤à¤• घंटे या इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ की लंबी नींद लेते हैं, वहीं कà¥à¤› अनà¥à¤¯ 45 मिनट की छोटी à¤à¤ªà¤•ी लेना पसंद करते हैं। दोनों ही à¤à¤•दम सामानà¥à¤¯ है। मगर यदि आपका शिशॠनियमित तौर पर 20 या 30 मिनट की नींद के बाद उठजाता है, तो आपको दिन के समय जरà¥à¤°à¥€ आराम करवाने के लिठकà¥à¤› कदम उठाने पड़ेंगे।
ढाई से पांच साल के बीच किसी समय वह शायद दोपहर में सोना बंद कर देगा। इसकी बजाय वह रात में थोड़े लंबे समय के लिठसोने लगेगा।
आपके शिशॠको शायद à¤à¤• बार उठने के करीबन दो घंटे बाद दोबारा सोने की जरà¥à¤°à¤¤ होती है। यदि आप शिशॠको इससे पहले सà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚गी, तो वह शायद थोड़ी सी à¤à¤ªà¤•ी लेकर उठजाà¤à¥¤ यदि आप उसे बहà¥à¤¤ देर बाद सà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚गी तो à¤à¥€ शायद वह अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• थकान की वजह से ढंग से नहीं सो पाà¤à¤—ा।
हो सकता है आपका शिशॠअचà¥à¤›à¥€ तरह सो जाà¤, मगर थोड़ी देर के बाद ही दोबारा उठजाà¤à¥¤ शायद à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहो कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह अब हलà¥à¤•ी नींद वाले अगले चरण में पहà¥à¤‚च गया है और जैसे ही कोई चीज उसकी नींद खराब कर देती है तो वह दोबारा फिर सो नहीं पाता।
हो सकता है आपका शिशॠपà¥à¤¯à¤¾à¤° से सहलाठजाने पर जलà¥à¤¦ ही सो जाà¤à¥¤ बहरहाल, यदि आपका शिशॠनींद से चिड़चिड़ा होकर उठरहा है और उसे और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नींद की जरà¥à¤°à¤¤ है, तो आपको यह सोचना पड़ सकता है कि उसे दोबारा कैसे सà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚।
यदि उसे गोद में हिल-डà¥à¤² कर या सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करके सोने की आदत है, तो हो सकता है वह अपनी à¤à¤ªà¤•ी से थोड़ी देर के लिठउठा है मगर खà¥à¤¦ से दोबारा सो नहीं पा रहा।
इसका उपाय यह है कि शिशॠको सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठये तरीके अपनाने की बजाय आप रात में और दिन में शिशॠको खà¥à¤¦ ही सोने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करें। इस तरह वह सोया रहेगा और उसे जरà¥à¤°à¥€ आराम मिल सकेगा।
सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आपका शिशॠठंडक वाली, शांत और आरामदेह जगह पर सो रहा है। सामानà¥à¤¯à¤¤: शिशॠदिन में à¤à¥€ वहीं बेहतर ढंग से सो पाते हैं, जहां वे रात को सोते हैं।
यदि घर के काम-काज की तेज आवाजें या सड़क पर वाहनों के शोरगà¥à¤² से शिशॠकी नींद में खलल पड़ रहा हो, तो बाहर का शोर दबाने के लिठकम आवाज में शांतिदायक संगीत बजाà¤à¤‚। यदि शिशॠको मचà¥à¤›à¤° परेशान कर रहे हैं, तो मचà¥à¤›à¤° निरोधक आजमाकर देखें और अनà¥à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• कदम उठाà¤à¤‚।
इन सबके अलावा, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि आप शिशॠको दोपहर में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लंबे समय तक न सà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚। à¤à¤¸à¤¾ करने से उसकी रात की नींद खराब हो सकती है। इसलिठयदि आपको लगे कि दिन में शिशॠकी नींद पूरी हो गई है, तो उसे जगा देने में कोई बà¥à¤°à¤¾à¤ˆ नहीं है।
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